जरुरी तो नहीं !

​ये जो एक दिल लगा है तेरे इश्क़ में ;

टूट जाए ये जरुरी तो नहीं !


बाते , लोगो का काम है करना ;

इन बातों में आये तू ये जरुरी तो नहीं !


अपनों को छोड़ गैरो को लगाये गले ;

तू भी ये रिवाज निभाए , ये जरुरी तो नहीं !


जिस दिन जरुरत तेरी सबसे ज्यादा थी मुझे ;

उसी दिन तू छोड़ जाये ; ये जरुरी तो नहीं !


बेइंतहा करके मोहब्बत मुझसे ; रस्म ऐ निकाह

किसी और की बनके निभाए , ये जरुरी तो नहीं !


टूट बिखर कर इश्क़ में किसका भला हुआ है ;

मेरा दिल , मेरे ही पैरो में चुभ जाये , ये जरुरी तो नहीं !


उछले जो तेज़ाब ऐ इश्क़ किसी चौराहे ,हसीना पर ;

इल्जाम के अलावा और कोई कहानी ना हो उस शख्श की ;

ये जरुरी तो नहीं !




The Insider

Kuldeepjat341990.wordpress.com

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5 thoughts on “जरुरी तो नहीं !

  1. Wowwww!! Mr Insider, this is definitely one of the best post of yours. 😃 I lovvved each and every line, specially this one,
    “टूट बिखर कर इश्क़ में किसका भला हुआ है ;

    मेरा दिल , मेरे ही पैरो में चुभ जाये , ये जरुरी तो नहीं !”

    Wowwww, I have no words to praise your work. This is soo beautiful. Just keep going. ☺

    Liked by 1 person

  2. Waah bht acche…
    हर एक रिश्तें में है आजकल आजमाने का चलन
    तू मगर इश्क आजमाए,ये जरुरी तो नहीं..😉🙏

    Liked by 2 people

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