The MILLIONAIRE {हिंदी} #2

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September 27, 11:10 pm

Monitoring And Decoding Room

R&AW Headquarter ; Delhi , India.

कंप्यूटर और फोन ट्रैकिंग , टैपिंग की अत्याधुनिक मशीनों से भरा व्यवस्थित कमरा और सबसे कोने में रखे एक कंप्यूटर के सामने बैठ कर कुछ काम कर रहा जॉय अचानक कमरे से भाग कर , बाहर निकल , पास ही बने joint secretary के ऑफिस में घुस गया ।


जॉय- सर सॉरी ! पर आपको ये देखना चाहिए । its urgent .

सुधीर शुरी ( Joint secretary)- क्या वाकई ???

सुधीर शुरी उतावलेपन से उठके जॉय के पीछे हो लिए , और जॉय वापस अपने उसी कंप्यूटर के सामने बैठकर बोला..”सर आपने लाहौर के एक सॅटॅलाइट फोन को surveillance पर रखने को कहा था ; कुछ एक महीने पहले ।

सुधीर शुरी- हाँ ! कोई मूवमेंट है क्या ?

जॉय- सर ! सॅटॅलाइट फोन का कोई नंबर तो होता नहीं है ,तो कॉलर पता लगाना मुश्किल होता है , पर कॉलर की लोकेशन ट्रेस करना उतना ही आसान होता है । कुछ देर पहले ही इस सॅटॅलाइट फोन पर पहली बार कॉल आया करीब 9:15 बजे । सर लोकेशन मुघलपुरा , लाहौर है ।

सुधीर शुरी- कॉल किसने किया ! बात क्या हुई ? कुछ बता सकते हो !

जॉय- सर जैसा की मेने कहा कॉलर के बारे में नहीं , पर उसकी लोकेशन आसानी से ट्रेस की जा सकती है । और वही देखकर मैं आपके पास भाग कर आया ।

सर dialer call ; PSLV 15 से जुड़ा हुआ था ।


सुधीर शुरी- क्या कह रहे हो ? PSLV-15 ? ISRO का सॅटॅलाइट ? कॉल इंडिया से किया गया उस लाहौर के सॅटॅलाइट फोन पर ???

जॉय- हां सर ! कॉल इंडिया में कही से सॅटॅलाइट to सॅटॅलाइट किया गया है , मतलब इसरो के सॅटॅलाइट से पाकिस्तान के किसी टेलीकॉम सॅटॅलाइट पर । और सर रियल टाइम लोकेशन तो पता या तो इसरो को हैक करके , या इसरो से official passcodes मांग के लगायी जा सकती है ।

और सर मैं हैक कर सकता हूं ।

सुधीर शुरी- नहीं ! मैं passcodes लेने की formalities पूरी करता हूं , कोशिश करेंगे की कल तक लोकेशन हमारे पास हो । पर ये बात तुम अपने तक ही रखोगे , कलिख को भी नहीं । you understand that ???

जॉय- ओके सर ! सर बात सिर्फ दो मिनट हुई उस फोन पर , अगली बार हम बात भी सुन पाएंगे ।

सुधीर शुरी well done कहते हुए उस कमरे से बहार निकल गए ।


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September 28 , 10:00 am

Quaid-e-azam college of commerce for girls , Lahore , pakistan

कॉलेज के बड़े से दरवाजे के सामने सड़क पर खड़ा एक गाड़ियों का काफिला , जिनमे सबसे आगे और पीछे पाकिस्तानी रेंजर्स की दो काली जिप्सी थी , उद्योगपतियों को IS से मिल रही धमकियों के बाद पाकिस्तानी आर्मी को इन उद्योगपतियों की सुरक्षा में लगाया गया था और बीच में , 3 आलिशान Volvo xc 90 खड़ी थी ।

दूर से देख कर ही वो कॉलेज के दरवाजे के परे बैठा गार्ड सलाम किये हुए खड़ा था ।

उन तीनों में से सबसे आगे की volvo xc 90 में बैठा मिलियनेयर गाडी के काले शीशो से साफ़ नज़र आ रहे कॉलेज के दरवाजे को घूरे जा रहा था और तभी उस दरवाजे से

एक 23 साल की लड़की , आँखों में हल्का काजल ,कानो में लंबे चांदी के झुमके , गुलाबी होठो पर मुस्कुराती मुस्कान , हरे और सफ़ेद रंग के सलवार कमीज , हाथो में एक बड़ा सा कंगन , ऊँगली में एक बड़ी सी अंगूठी , और मखमल से पैरो में चमड़े की बनी जुतिया , जैसे बसंत के मौसम ने इंसानी रूप ले लिया हो ,

बाहर निकली ।

और गार्ड की उंगलियो के इशारे को देख गाड़ियों की ओर दौड़ी चली आयी ।

तीन खड़ी उन आलिशान गाड़ियों में से उसने तीसरी का दरवाजा खोला , काले शीशो की वजह से वो हर बार समझ नहीं पाती थी , अंदर से आवाज आई..”साहब आगे से दूसरी नंबर की गाडी में है “


और वो भाग कर , volvo का दरवाजा खोल अंदर बेठ गयी , और आव देखा ना ताव बोलना शुरू कर दिया..

“मुझे बात ही नहीं करनी तुमसे , कल नहीं आये , परसो भी नहीं मिले , तुम्हारे काम काम होते है , तो हम भी फ़िज़ूल नहीं है यहाँ”…बोलकर एक झलक उसने मिलियनेयर की आँखों में देखा , armaani के किसी एक महंगे चश्मे ने उसकी आँखों को छुपा रखा था ।

“हटाओ इसे”…कहकर उसने वो काला चश्मा मिलियनेयर की आँखों से हटा दिया ।

“अब देखो मेरी तरफ और बताओ क्यों नहीं आये मुझसे मिलने”

वो हल्का सा मुस्कुरा कर सुनता रहा , और गाड़ियों के काफिले से वो volvo अलग होकर एक किसी दूसरे रास्ते पर चलने लगी और कुछ दूर जाकर ठहर गयी ।

गाडी रुकते ही वो झट से गेट खोल कर बाहर कार के दूसरी तरफ जा खड़ी हुई , जहा से मिलियनेयर उतर रहा था ।

मिलियनेयर जोर से हँसता हुआ बोला ” कितना बोलती हो ना , वाक़ई वक़्त की कमी थी , इसीलिए मिल नहीं पाए , वरना तुम जानती हो , जी कहा लगता है मेरा तुम्हारे बिना”।


किसी पठार पर खड़े थे दोनों , तेज हवा , सरसो के फूलों की गंध से पता पड रहा था कि आस पास कही खेत है , पानी का हल्का शोर बता रहा था कही झरने भी थे आसपास ।


“जानती हूं , पर ये हर बार मुझे इतना दूर इसी जगह क्यो लाते हो मिलने और ये बन्दूक मत रखा करो , रेंजर्स है ना साथ , तुम्हे नहीं रखनी है ये”…तेज हवा से उड़ते कोट की वजह से देख पायी वो रिवाल्वर को ।

“जिनके ख्वाब महंगे होते है ना नसीबा , उन्हें उजालो से डर लगता है “…मिलियनेयर पास ही लगे पेड़ की लहराती पतियो को देख कर बोला ।


कितनी शायरी मारते हो ना , आज मुझे देख कर कोई जुमला याद नहीं आया ” हँसते हुए नसीबा बोली ।


“एक तुझे देख लेने के बाद किसी का दिल तोड़ने का जी नहीं करता ;

इस ईद पर मिलिएगा , तुम्हे देख कर रोज़ा तोड़ेंगे हम” ….


नसीबा की आँखों में देख कर मिलियनेयर ने बड़े गज़ब तरीके से कहा , और मुड़कर गाडी की तरफ जाने लगा ।

“जानते है वक़्त कम है तुम्हारे पास , पर वाह वाह तो सुन लो हमारी”…कहते हुए नसीबा गाडी तक आयी ।

“ये लो ! संभाल कर ; कुछ देर में बहादुर अली तुम्हे कॉलेज छोड़ देगा”…एक सफ़ेद रंग का लिफाफा नसीबा को पकड़ा कर मिलियनेयर volvo में बैठ गया ।

“ऐ सुनो , ये हर बार एक लिफाफा देकर जाते हो , और खोलने को मना कर रखा है , वो भी मोहब्बत की कसम देकर , कब खोले हम इसे ये तो बता दो”…नसीबा ने गाडी के शीशे को अंगूठी से बजाकर कहा ।

“एक दिन कसम खुद-ब-खुद टूट जायेगी , उस दिन खोल लीजियेगा इसे और एक बात बताऊ तुम्हे , याद रखना पेरिस में एफिल टावर के नीचे लोग अपने खोये हुए प्यार को ढूंढने के लिए इकट्ठा होते है” ।…कहकर मिलियनेयर ने ड्राइवर को चलने के लिए कह दिया ।



To be continued……….#3

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Read 1st part here

The MILLIONAIRE #1


Written by

Kuldeep choudhary

The Insider©


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8 thoughts on “The MILLIONAIRE {हिंदी} #2

  1. Hello Mr Insider! Again, this is a really appreciable attempt from your side. 😃 This is again full of suspense, abi tak clear nai ho raha exactly aage hoga kyaa! I really liked the second wala part, everything is confusing me more and more yet it’s written so well! ☺☺

    Specially the last paragraph. It creates more suspense. I enjoyed this, aur likhhho! ☺☺

    Liked by 1 person

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