” Read This And Fall In Your Fond Memories “

तेरे होठो पर दुआ बनकर नहीं ;

तेरे दिल में दबे अरमानो में ही सही …



बनकर सितारा तेरे करीं नहीं ,

तेरे टूटे खवाबो में ही सही …



बनकर हँसी तेरे होठो पर नहीं ,

तेरे बहते काजल में ही सही …



तेरी खुशियो का हिस्सा मैं नहीं ,

तेरे तकिये की नमी में ही सही …



तेरी तारीखों से गुजरता मैं नहीं ,

तेरे बिताये पुराने वक़्त में ही सही …



तेरे हाथो की मेहंदी के राचने में नहीं ,

खुरची हुई उन हाथो की लकीरों में ही सही …



काबिल हूं तेरी मोहब्बत के नहीं ,

बट्वे में पड़े पुराने खतों में ही सही …



तेरे ब्याज में जुड़कर दोगुना मैं नहीं ,

तेरे इश्क़ की किश्तों में चुकता ही सही …



कभी वक़्त मिले तो , नज़र उठाइयेगा ,

बेवफाओ की बस्ती से निकल कर ,

मशहूर हुआ एक मैं ही सही
______________________

The Insider

Kuldeep choudhary

Kuldeepjat341990.wordpress.com

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19 thoughts on “” Read This And Fall In Your Fond Memories “

  1. Wowww! How beautifully you have presented an incomplete love. Those pairs of contrasting lines, I loved them all specially this one:
    “तेरे हाथो की मेहंदी के राचने में नहीं ,

    खुरची हुई उन हाथो की लकीरों में ही सही …”

    Love never fades away, it remains in our hearts for eternity. Bohot hi achha likha hai ye. ☺☺

    Liked by 1 person

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