The MILLIONAIRE { steals }

हो जिस शाम खफा ; ना मनाऊ मैं तुझे ;
फिर करीब आकर तेरे होठो की सलवटे गिनना चाहू !


क्यों चाहत उन सितारों की तुझे इतनी ,

बेहिसाब तो तुझे मैं अपनी मोहब्बत दिखाना चाहू !


जो गिर जाए कभी आंसू तेरे गालो से होकर ज़मीं पर,

मैं रात चांदनी सारी , आसमां  सिर पर उठाना चाहू !


तू क्या जाने मुझे परवाह कितनी तेरी ,

मैं छोड़ कर मेरा काफिला , तुझे मंज़िल तक पहुचाना चाहू !

तू छोड़ परवाह वज़ूद की मेरे ,

बस मैं तो तेरी इन आँखों में दुनिया अपनी देखना चाहू !


हो जो मुमकिन मुलाक़ात कही , कभी ;

पहले मुँह फेर , फिर पलट कर बस तुझी को देखना चाहू !


जान जायेगी एक दिन तू गहराई मेरी मोहब्बत की ,

खातिर तेरी दुआओ के , मैं नमाज़े अपनी भूलना चाहू !



___________________


“The Lahore Police could find nothing but this piece of paper from the residence of The MILLIONAIRE..”

___________________


Written by

Kuldeep choudhary

The insider©


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