A GIRL AND A NIGHT AT HAUZ KHAS 🌃 (हिंदी) #1

Present day { January 13,2015 }

कब्रिस्तान ; ज़िन्दगी भर की मेहनत के बाद लोग यहाँ आकर फिजूल हो जाते है या शायद ज़िन्दगी भर की फिज़ूलियत के बाद यहाँ आकर आज़ाद हो जाते है और तो कुछ पूरी ज़िन्दगी भी नहीं , पहले ही |

मैं कब्रिस्तान के दरवाजे पर ही थी , बड़ा सा चौड़ा , किसी पुरानी धातू  का बना लंबा सा दरवाजा था वो ‘ ठंडी हवाएं कब्रिस्तान की चीखती ख़ामोशी को और बढ़ा रही थी |

दिन के 9 बजे भी दरवाजे के एक तरफ बैठे वो बाबा अभी भी हाथ सेक रहे थे | मेने पूछा…

जादूगर आसिफ की कब्र यहाँ से दिखाई देती है क्या बाबा ??? “

क्योकि मुझे पता था कब्रिस्तान में लड़कियों का जाना प्रतिबंधित होता है  !

एक हाथ से दीवार और , दूसरे हाथ से अपनी लकड़ी का सहारा लेकर एक पाँव से लंगड़ाते हुए मेरे पास आये और मेरे चेहरे को गौर से देख कर हाथ से अंदर की तरफ तेज हवा से लहराते एक पेड़ की तरफ इशारा कर कहा...

” वहां है  वो उसी पेड़ के नीचे , पहले सूखा दरख्त था बस वो , आसिफ जैसे ही पंहुचा उस पेड़ की जड़ों में , फिर से हरा भरा हो उठा चह’चहाने  लगा चिड़ियाओं से ,

और दो तीन लडकिया आ चुकी है तुम्हारी तरह “

बाबा रुक रुक कर बोलते रहे और और कल की पूरी रात मेरे जहन से निकल कर मेरी आँखों के सामने से गुज़र गयी


################



{ A few hours earlier }
January 12,2015 ;

10:40 pm ;

Ravelin lounge,Hauz khas

  

     ( background filled with loud music )


” तनीषा को देखा क्या ?” मयंक ने तेज आवाज में अभय से पूछा ।

” क्या ? ” अभय ने उसी तेज आवाज से वापस जवाब दिया ।

मयंक भीड में सबको पीछे ढकेलते हुए जैसे तैसे अभय के पास पंहुचा और कान में जोर से कहा…

” तनीषा कहा है ??? “

अभय ने बिना देर किये पीछे खड़ी नियति से पूछा..

” तनीषा कहा है ‘ तुम्हारे साथ थी ना ?? “

नियति ने अपने कान के पास अपना हाथ लाकर यू घुमाया जैसे कह रही हो उसे कुछ सुनाई नहीं दे रहा ।

             

                ( trans-music louding )

मयंक ने अभय के कंधे पर हाथ रख कर नियति के पास जाकर पूछा

” तूने तनीषा को कही देखा क्या ? “

नियति ने बोला…

” वाशरूम में है वो “

नियति के इस जवाब ने मयंक को थोड़ा सुकून दिया और सभी फिर से उन तेज झपकती रौशनी और आवाजो में गुम हो गए |


###########

” Wow ! कितनी ठंडी और प्यारी हवा है यार यहाँ बाहर ; क्यों हम सब अंदर पागल हो रहे थे ! थोड़ी देर यहाँ रहकर फिर अंदर चली जाउंगी “

में खुद से ही बड़बड़ा रही थी ” मुझे ज्यादा पसंद भी नहीं है शोर , भीड़ ; ये सब कंफ्यूज करते है मुझे ।


में फुटपाथ पर ही थी , सामने से एक आंटी अपने प्यारे से पग (pug) के साथ टहलते हुए मेरी तरफ आ रही थी ,

कितना प्यारा है ये ; जैसे जैसे वो मेरे पास आ रहा था में उसे उतने प्यार से घूरे जा रही थी ; जैसे ही वो मेरे पास आया , में नीचे झुकी उसे दुलारने के लिए पर आंटी जल्दी से मुझसे आगे गुजर गयी , रुकी ही नहीं जैसे अनदेखा कर दिया हो मुझे ।

” Huhh खडूस कही की “

और फिर मेरा ध्यान उस बच्चे पर गया जो गुब्बारे बेच रहा था , में उसी की तरफ चलने लगी की यकायक मुझे लगा जैसे कोई मेरे पीछे चल रहा है ।


अजीब सा लग रहा था ; मेने  जरा सा मुड कर देखा ; हां तीन आदमी थे और एकदम मेरे पीछे और मुझे अजीब तरह से घूर रहे थे ; कुछ ऐसा वैसा नहीं पहना था मैंने , फ्रॉक थी जरा सी घुटनो के ऊपर बस 

और तभी 

उनमे से जो एक सबसे छोटा था करीब 21 या 22 साल का होगा मुझसे आगे निकलते हुए , मेरे हाथ को अपने हाथ से छू कर गया 

और 

सड़क किनारे खड़ी बंद जीप में बैठ कर उसे चालु करने लगा और पीछे आ रहे उन दो आदमियो की तरफ मुस्कुराने लगा ,

पिछले साल हुआ एक ऐसा ही किस्सा मेरे जहन में आया जिसमे तीन आदमी एक लड़की को गाडी में बैठा कर ….

मैं कांप उठी ; 

फोन ; फोन कहा है मेरा ?oh god नही ; मयंक के पास ही रह गया ।

और

मेरा हैंडबैग , उसमे pepper spray भी था ,

मेने अपने कांपते हाथ अपने चेहरे पर फेरे ,

और

तभी एक बड़ा सा हाथ मेरे बाए कंधे पर पड़ा मेरी चीख निकलने से पहले उसने मेरे मुंह को उसी हाथ से जोर से दबा दिया ।

मैंने अपना चेहरा घुमाया और देखा नहीं ये उनमे से नहीं था ,

बैंगनी रंग का चम’चमाता लंबा कोट ; सिर पर एक लंबी , पुरानी , ऊँची हैट ; कोट की एक जेब में सतरंगी रूमाल और दूसरी जेब में कुछ कागज , गले में एक महंगा स्कार्फ़ , और दूसरे हाथ की उंगलियों में जलता सिगार |


Shhhhhhhhhhhhh ! मैं वो नहीं जो तुम सोच रही हो ; मैं वो हूँ जिसे तुम हमेशा याद रखोगी



…………….

will continuous in next part

Thanks for reading 💐

Kuldeepjat341990.wordpress.com ©

#RightsReserved

The insider®
Your loving 🙂

Kuldeep choudhary 😉

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24 thoughts on “A GIRL AND A NIGHT AT HAUZ KHAS 🌃 (हिंदी) #1

  1. Ahaaaan, hello Mr Insider! I really really enjoyed reading the story. It was like a running movie. And the suspense in the ending, I like that. ☺☺
    Waiting for the next part, excited to know who the man would be and how would things turn out further. Keep writing more. I appreciate the initiative. ☺☺👍

    Liked by 1 person

  2. Very well written.loved reading it. I love reading Hindi literature it is so rich and pleasing.The only drawback is that lost touch of writing in Hindi.would have loved to reply in it.

    Liked by 1 person

  3. This is so awesome Kuldeep Bhaiya…
    I read the translation first and then headed to this one..
    Both are equally amazing!!!
    😊😊
    Read the second part too, I don’t know how much exciting this story Line will be…

    Liked by 1 person

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